Wednesday, 22 June 2016

कैसे होगें विकसित,आधी आबादी है व्यथित


ये चीख कोई सुनता क्यों नहीं
देश की आधी आबादी की कसक को सुनिये
अपने देश की खौफनाक सच्चाई को जान आप भी कांप उठेंगे.
महिलाओं के संसार की ये दर्दनाक कहानी है.
ये उस धरती की हकीकत है,जहां एक द्रोपदी
की चीरहरण पर धर्मयुद्ध महाभारत हो
है जाता.
हमारा देश जो कि नारियों की इज्जत व सम्मान के लिए जाना जाता है,ये वहां की तस्वीर है.
हमारा देश तो अपनी विराट सभ्यता व संस्कृति के लिए जाना जाता है,फिर ये क्या...हमारे तो ग्रंथों में भी लिखा है,यत्र नार्यस्तु पुज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता अर्थात जहां नारियों की पूजा होती है,वहां देवता निवास करते हैं.पर हम तो अपनी समाजिक विरासत ही भूल गए.
कितना खूंखार हो गया है हमारा समाज,इसकी एक बानगी देखिये
देश की 70 फीसदी महिलाये पारिवारिक कलह से जूझ रही हैं.ये आंकड़ा उन महिलओं का जिन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया है.
हर 9 मिनट में एक औरत को उसके पति या रिश्तेदार द्वारा प्रताड़ित किया जाता है.
प्रत्येक 29 मिनट बाद भारत में एक महिला बलात्कार पीड़ित हो जाती हैं.
दहेज जैसे अमानवीय मांग को लेकर हर 77 मिनट में एक महिला का हत्या कर दी जाती है.
आपके तन-मन में अगर अभी भी भूचाल नहीं आया है,तो और सुनिये
देश में हर दो मिनट के अंदर महिलाओं के खिलाफ जुर्म की एक वारदात हो रही है.
पिछले एक दशक में देश में महिलओं के खिलाफ जुर्म की संख्या दोगुणी हो गई है.

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