Thursday, 23 June 2016

विश्व ने माना हमारी तकनीक का लोहा


भारत ने एक बार फिर विश्व फलक पर अपनी पहचान बनाई है.दुनियां ने फिर भारत की काबिलियत का लौहा माना है.इस बार धरती पे नहीं,बल्कि आसमान में भारत ने अपनी पहचान छोड़ी है.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की इस सफलता से आज सारा देश गदगद है.बैलगाड़ी से अपनी यात्रा शुरू करने वाली इसरो का ये दुनियां को दहार है.इसरो के जरिए भारत ने दुनियां को संदेश दिया है कि हम पीछे रहकर नहीं,कदम से कदम मिलाकर फासला तय करेंगे.दरअसल इसरो ने एक ही दिन में 20 सेटेलाइटस लांचकर बड़ी कामयाबी हासिल की है.इससे पहले 2008 में इसरो ने एक दिन में सर्वाधिक 10 उपग्रह प्रेक्षपित किया था.अंतरिक्ष विज्ञान में अब हमारा कोई जोड़ नहीं.हमारे पड़ोसी तो रेस में भी नहीं हैं.कनाडा और अमेरिका जैसे देश हमसे उपग्रह प्रेक्षपित कराने को लालायित हैं.हमारी सस्ती तकनीक ने दुनियां को हमारी ओर झुकने पे बेबस कर दिया है.विकसित देशों का हमसे उपग्रह लांच करवाना इसे सिद्ध करता है.उपग्रह प्रेक्षपन में अब सिर्फ रूस और अमेरिका ही हमसे आगे हैं.रूस ने अभी एक दिन में सबसे अधिक 33 सेटेलाइटस लांच करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर रखा है.व्यवसाय की दृष्टि से इसरो की ये बड़ी कामयाबी है.अंतरिक्ष कारोबार में भारत को ये नई दिशा देगा.अभी अंतरिक्ष कारोबार में भारत की सिर्फ चार फीसदी हिस्सेदारी है.41 फीसदी के साथ अमेरिका पहले पायदान पर है.

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